Averaging Down vs Averaging Up: शेयर बाजार में कौन सी रणनीति बेहतर है?
शेयर बाजार (Share Market) में जब भी एवरेजिंग (Averaging) की बात आती है, तो ज़्यादातर लोग सिर्फ 'गिरते हुए शेयर' को खरीदने के बारे में सोचते हैं...
शेयर बाजार (Share Market) में जब भी एवरेजिंग (Averaging) की बात आती है, तो ज़्यादातर लोग सिर्फ 'गिरते हुए शेयर' को खरीदने के बारे में सोचते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि तेज़ी से भागते हुए (बढ़ते हुए) शेयर में भी एवरेजिंग की जाती है? इसे Averaging Up कहते हैं।
आज हम इस ब्लॉग में Averaging Down और Averaging Up दोनों रणनीतियों की तुलना करेंगे और जानेंगे कि आपको कब, कौन सी रणनीति अपनानी चाहिए।
1. Averaging Down (गिरते बाजार की रणनीति)
Averaging Down का मतलब है कि जब आपके खरीदे गए शेयर का भाव नीचे गिर जाता है, तब आप उसी शेयर को और ज्यादा मात्रा में खरीदते हैं। इससे आपकी 'प्रति शेयर औसत कीमत' (Average Buy Price) कम हो जाती है।
- फायदा (Pros): आपको अच्छी कंपनी के शेयर सस्ते दाम (Discount) पर मिल जाते हैं। जब शेयर वापस बढ़ता है, तो मुनाफा जल्दी होता है।
- नुकसान (Cons): अगर कंपनी के फंडामेंटल खराब हो गए हैं और शेयर लगातार गिर रहा है, तो इसे "गिरते हुए चाकू को पकड़ना" (Catching a falling knife) कहा जाता है। इसमें आपका बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है।
2. Averaging Up (बढ़ते बाजार की रणनीति)
Averaging Up का मतलब है कि जब आपका खरीदा हुआ शेयर फायदे (Profit) में होता है और लगातार ऊपर जा रहा होता है, तब आप उसमें और पैसे निवेश करते हैं। इसे Pyramiding (पिरामिडिंग) भी कहा जाता है।
- फायदा (Pros): आप एक 'विनिंग ट्रेड' (Winning Trade) यानी सफल निवेश के साथ चल रहे होते हैं। इसमें रिस्क कम होता है क्योंकि मार्केट पहले ही आपके पक्ष में जा रहा है।
- नुकसान (Cons): ऐसा करने से आपका 'एवरेज प्राइस' बढ़ जाता है। अगर शेयर अचानक नीचे गिरता है, तो आपका मुनाफा तेज़ी से कम हो सकता है।
Averaging Down बनाम Averaging Up (तुलना)
| फ़ीचर (Feature) | Averaging Down | Averaging Up |
|---|---|---|
| कब इस्तेमाल करें? | जब मार्केट में सुधार (Correction) आ रहा हो। | जब शेयर अपट्रेंड (Uptrend) या बुल रन में हो। |
| रिस्क (Risk) | बहुत ज़्यादा (High Risk) | तुलनात्मक रूप से कम (Moderate Risk) |
| कौन इस्तेमाल करता है? | Value Investors (जैसे वॉरेन बफेट) | Momentum Traders (ट्रेंड फॉलोअर्स) |
| मनोविज्ञान (Psychology) | नुकसान (Loss) को रिकवर करने की उम्मीद। | मुनाफे (Profit) को अधिकतम करने का आत्मविश्वास। |
आपके लिए कौन सी रणनीति सही है?
अगर आप एक लंबी अवधि के निवेशक (Long-term Investor) हैं और आपको किसी कंपनी के बिज़नेस पर पूरा भरोसा है, तो बाज़ार गिरने पर Averaging Down करना आपके लिए एक सुनहरा मौका है। वहीं दूसरी ओर, अगर आप एक ट्रेडर हैं या मोमेंटम के साथ पैसा बनाना चाहते हैं, तो हमेशा विनिंग स्टॉक्स में Averaging Up करना ज्यादा सुरक्षित और लाभदायक माना जाता है।
शेयर बाज़ार में कोई भी रणनीति अपनाने से पहले अपनी रिस्क क्षमता (Risk Appetite) को जरूर समझें और स्टॉप लॉस (Stop Loss) का प्रयोग हमेशा करें।