Buy on Dips Strategy: गिरते बाजार में शेयर कब और कैसे खरीदें?

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StockAvg Editorial Team पब्लिश डेट: 25 फरवरी, 2026 | पढ़ने का समय: 5 मिनट

शेयर बाजार (Stock Market) में एक कहावत बहुत मशहूर है— "Be greedy when others are fearful." (जब हर कोई डर रहा हो, तब लालची बनो)। जब भी बाजार में कोई क्रैश या करेक्शन आता है, तो टीवी और सोशल मीडिया पर एक शब्द बहुत सुनने को मिलता है: "Buy the Dips"

लेकिन क्या बाजार गिरते ही किसी भी शेयर को खरीद लेना सही है? बिल्कुल नहीं! आइए समझते हैं कि Buy on Dips Strategy क्या है, इसे सही तरीके से कैसे इस्तेमाल किया जाता है, और यह आपको लॉन्ग-टर्म में अमीर कैसे बना सकती है।

Buy on Dips Strategy क्या है?

'Dip' का मतलब होता है किसी शेयर की कीमत में आई अस्थायी (Temporary) गिरावट। जब कोई शानदार फंडामेंटल वाली कंपनी का शेयर किसी छोटी-मोटी बुरी खबर, बाजार के माहौल या ग्लोबल कारणों से गिर जाता है, तो उस समय सस्ते दाम पर उस शेयर को खरीदने की रणनीति को Buy on Dips कहते हैं।

इसका मुख्य उद्देश्य एक अच्छी कंपनी के शेयर को डिस्काउंट (Discount) पर खरीदना होता है, ताकि जब बाजार वापस ऊपर जाए, तो आपका मुनाफा कई गुना बढ़ सके।

गिरते बाजार में शेयर कब खरीदें? (सही समय की पहचान)

हर गिरावट खरीदारी का मौका नहीं होती। कई बार 'Buy on Dips' करने के चक्कर में निवेशक किसी डूबती हुई कंपनी (Falling Knife) में अपना पैसा फंसा देते हैं। सही समय पहचानने के लिए इन 3 बातों का ध्यान रखें:

  1. मजबूत सपोर्ट लेवल (Support Levels) खोजें: किसी शेयर को तब न खरीदें जब वह 2-3% गिरे। टेक्निकल एनालिसिस का इस्तेमाल करें और देखें कि शेयर का 100-Day या 200-Day Moving Average (DMA) कहाँ है। जब शेयर अपने मजबूत सपोर्ट पर आए, तब निवेश करें।
  2. गिरावट का कारण (Reason for Dip) समझें: अगर शेयर इसलिए गिर रहा है क्योंकि पूरी दुनिया के बाजार (Global Market) गिर रहे हैं, तो यह खरीदारी का मौका है। लेकिन अगर कंपनी के प्रमोटर जेल जा रहे हैं या कंपनी पर फ्रॉड का आरोप है, तो उस शेयर से दूर रहें।
  3. RSI Indicator का उपयोग: जब किसी शेयर का RSI (Relative Strength Index) 30 के नीचे (Oversold Zone) चला जाए, तो वह 'Buy on Dips' के लिए एक अच्छा संकेत माना जाता है।

Buy on Dips में एवरेजिंग कैसे करें?

Buy on dips रणनीति का सबसे अहम हिस्सा है Averaging Down। मान लीजिए आपने HDFC Bank के शेयर ₹1600 पर खरीदे हैं। अब बाजार में गिरावट आती है और वह ₹1450 पर आ जाता है। यह एक बेहतरीन 'Dip' है।

एवरेजिंग का जादू:

अगर आप ₹1450 के लेवल (Dip) पर HDFC Bank के कुछ और शेयर खरीद लेते हैं, तो आपका कुल निवेश का औसत मूल्य (Average Price) नीचे आ जाएगा। इससे आपको ब्रेक-ईवन (Break-even) और प्रॉफिट तक पहुँचने में बहुत आसानी होगी।

गिरावट में अपना नया एवरेज प्राइस चेक करें!

अगर आप Dip में शेयर खरीद रहे हैं, तो हमारे Buy on dips average calculator का उपयोग करके तुरंत अपना नया भाव निकालें।

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Buy on Dips के 3 गोल्डेन रूल्स (Golden Rules)

  • नियम 1 (क्वालिटी ही किंग है): केवल Blue-chip और Large-cap कंपनियों (जैसे TCS, Reliance, Infosys) में ही Buy on dips करें। पेनी स्टॉक्स (Penny Stocks) में यह गलती कभी न करें।
  • नियम 2 (हमेशा कैश बचाकर रखें): बाजार का बॉटम (Bottom) कोई नहीं पकड़ सकता। इसलिए अपना सारा पैसा एक ही गिरावट में न लगाएं। 3 या 4 किस्तों (Tranches) में खरीदारी करें।
  • नियम 3 (इमोशंस पर कंट्रोल): जब आपका पोर्टफोलियो 20% लाल दिख रहा हो, तो शेयर खरीदने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए होती है। अपनी रिसर्च पर भरोसा रखें और घबराकर (Panic) शेयर न बेचें।

निष्कर्ष (Conclusion)

Buy on Dips रणनीति शेयर बाजार में संपत्ति (Wealth) बनाने का एक आजमाया हुआ तरीका है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप सेल (Sale) के दौरान अपना पसंदीदा ब्रांडेड कपड़ा सस्ते दाम पर खरीदते हैं। बस ध्यान रहे कि कंपनी अच्छी होनी चाहिए और आप हमारे Average Calculator का सही इस्तेमाल करके अपने रिस्क को मैनेज कर रहे हों।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों (Educational Purposes) के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। कोई भी शेयर खरीदने से पहले अपनी रिसर्च खुद करें या वित्तीय सलाहकार से मदद लें।