आजकल भारतीय शेयर बाजार में SME IPOs (Small and Medium Enterprises IPO) का जबरदस्त क्रेज़ है। ये IPOs कभी-कभी लिस्टिंग के दिन ही 100% से 200% तक का रिटर्न (Listing Gain) दे देते हैं। यही कारण है कि अच्छे SME IPOs 100 गुना, 300 गुना या कभी-कभी 500 गुना तक सब्सक्राइब हो जाते हैं。
लेकिन, इतना ज्यादा सब्सक्रिप्शन (Over-subscription) होने के कारण हर रिटेल इन्वेस्टर के मन में यही सवाल रहता है: "क्या मुझे अलॉटमेंट मिलेगा? मेरे चांस कितने प्रतिशत हैं?" आइए जानते हैं कि IPO Allotment Chances को गणित के फॉर्मूले से कैसे कैलकुलेट किया जाता है।
SME IPO में Allotment कैसे होता है? (Lottery System)
SEBI (Securities and Exchange Board of India) के नए नियमों के अनुसार, अगर कोई IPO अपनी निर्धारित सीमा से अधिक सब्सक्राइब हो जाता है (Over-subscribed), तो अलॉटमेंट लॉटरी सिस्टम (Computerized Draw) के आधार पर किया जाता है।
इसका मतलब है कि चाहे आपने 1 लॉट के लिए अप्लाई किया हो या 5 लॉट के लिए, रिटेल कैटेगरी (Retail Category) में सभी को एक समान माना जाएगा और हर भाग्यशाली आवेदक को अधिकतम 1 ही लॉट मिलेगा।
IPO Allotment Probability कैलकुलेट करने का फॉर्मूला
अलॉटमेंट मिलने के चांस (Probability) निकालने का फॉर्मूला बहुत ही आसान है। इसके लिए आपको सिर्फ यह देखना है कि 'रिटेल कैटेगरी' (Retail Category) कितने गुना सब्सक्राइब हुई है।
फॉर्मूला (Formula):
अलॉटमेंट चांस = (1 ÷ रिटेल सब्सक्रिप्शन गुना) × 100
उदाहरण से समझें:
मान लीजिए किसी SME IPO में रिटेल कैटेगरी 100 गुना (100x) सब्सक्राइब हुई है।
- फॉर्मूले के अनुसार: (1 ÷ 100) × 100 = 1%
यानी इस IPO में आपको अलॉटमेंट मिलने के चांस सिर्फ 1% हैं। आसान भाषा में कहें तो हर 100 आवेदनकर्ताओं में से केवल 1 व्यक्ति को IPO मिलेगा।
कुछ अन्य उदाहरण (Quick Chances Check):
- अगर रिटेल कैटेगरी 50x सब्सक्राइब है ➔ आपके चांस 2% हैं। (50 में से 1 को मिलेगा)
- अगर रिटेल कैटेगरी 200x सब्सक्राइब है ➔ आपके चांस 0.5% हैं। (200 में से 1 को मिलेगा)
- अगर रिटेल कैटेगरी 400x सब्सक्राइब है ➔ आपके चांस 0.25% हैं। (400 में से 1 को मिलेगा)
SME IPO में Allotment के चांस कैसे बढ़ाएं? (Smart Tips)
चूँकि अलॉटमेंट पूरी तरह से लॉटरी पर निर्भर है, इसलिए कोई भी 100% गारंटी नहीं दे सकता। लेकिन आप कुछ स्मार्ट तरीकों से अपनी Probability (संभावना) जरूर बढ़ा सकते हैं:
- अलग-अलग पैन कार्ड (PAN Cards) से अप्लाई करें: अपने एक ही डीमैट अकाउंट से 5 लॉट अप्लाई करने के बजाय, अपने परिवार के सदस्यों (मम्मी, पापा, भाई, पत्नी) के 5 अलग-अलग डीमैट खातों से 1-1 लॉट अप्लाई करें। इससे लॉटरी में आपका नाम आने के चांस 5 गुना बढ़ जाएंगे।
- Cut-Off Price पर बिड करें: IPO अप्लाई करते समय हमेशा 'Cut-Off Price' का विकल्प चुनें। अगर आप इससे कम कीमत भरेंगे, तो ओवर-सब्सक्राइब होने की स्थिति में आपका फॉर्म तुरंत रिजेक्ट हो जाएगा।
- लास्ट मिनट रश (Last Minute Rush) से बचें: बहुत से लोग तीसरे दिन के आखिरी घंटों (दोपहर 2 बजे के बाद) में अप्लाई करते हैं। उस समय UPI मैंडेट (UPI Mandate) आने में देरी हो सकती है या बैंक सर्वर डाउन हो सकता है। कोशिश करें कि दूसरे दिन या तीसरे दिन सुबह तक अप्लाई कर दें।
- HNI कैटेगरी में जाएं: अगर आपके पास 2 लाख रुपये से अधिक का बजट है, तो आप रिटेल की जगह sNII या bNII (HNI) कैटेगरी में अप्लाई कर सकते हैं। अक्सर HNI कैटेगरी में रिटेल के मुकाबले थोड़ा कम सब्सक्रिप्शन होता है, जिससे चांस बढ़ जाते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
SME IPOs में निवेश करना बहुत ही लाभदायक हो सकता है, लेकिन इनमें रिस्क (Risk) भी बहुत ज्यादा होता है और अलॉटमेंट मिलना पूरी तरह से आपकी किस्मत पर निर्भर करता है। ऊपर दिए गए फॉर्मूले (SME IPO allotment chance calculator formula) से आप सच्चाई का अंदाजा लगा सकते हैं कि कंपटीशन कितना है। इसलिए, निराश न हों और अच्छे IPOs में परिवार के अलग-अलग खातों से अप्लाई करने की रणनीति अपनाएं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों (Educational Purposes) के लिए है। IPO में निवेश करने से पहले रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) को ध्यान से पढ़ें और अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।