डिविडेंड पर टैक्स कितना लगता है? जानिए TDS और Post-Tax Yield के नियम
शेयर बाजार (Share Market) में निवेश करने वाले कई लोग ITC, Coal India या Vedanta जैसी 'High Dividend Yield' वाली कंपनियों में निवेश करना पसंद करते हैं। जब कंपनी मुनाफे में होती है, तो वह अपने शेयरधारकों को उस मुनाफे का कुछ हिस्सा बैंक अकाउंट में सीधे भेजती है, जिसे डिविडेंड (Dividend) कहते हैं।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके खाते में आने वाले इस डिविडेंड पर कितना टैक्स लगता है? साल 2020 से पहले डिविडेंड निवेशकों के लिए टैक्स-फ्री हुआ करता था, लेकिन अब नियम पूरी तरह बदल चुके हैं। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
भारत में डिविडेंड पर टैक्स के नियम (Dividend Tax Rules)
1 अप्रैल 2020 के बाद से, कंपनियों द्वारा दिया जाने वाला डिविडेंड अब पूरी तरह से टैक्सेबल (Taxable) हो गया है। इसे इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय "Income from Other Sources" (अन्य स्रोतों से आय) के तहत दिखाया जाता है।
1. आपकी टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स (Slab Rate)
डिविडेंड पर कोई फिक्स टैक्स रेट नहीं है (जैसे कैपिटल गेन पर 15% या 20% होता है)। डिविडेंड की पूरी रकम आपकी कुल सालाना आय (Total Annual Income) में जुड़ जाती है। इसके बाद, आप जिस भी टैक्स स्लैब (Tax Slab) में आते हैं, उसी के हिसाब से आपको टैक्स देना होता है।
- अगर आपकी आय टैक्स-फ्री लिमिट के अंदर है (कोई टैक्स नहीं लगता), तो आपको डिविडेंड पर भी 0% टैक्स देना होगा।
- अगर आप 30% वाले टैक्स ब्रैकेट में आते हैं, तो आपके डिविडेंड पर भी 30% टैक्स (प्लस सेस) लगेगा।
2. डिविडेंड पर TDS का नियम (TDS on Dividend)
सरकार ने कंपनियों के लिए TDS (Tax Deducted at Source) काटने का नियम भी बनाया है:
📌 नियम: अगर एक वित्तीय वर्ष (Financial Year) में किसी एक कंपनी से आपको मिलने वाला कुल डिविडेंड ₹5,000 से अधिक है, तो कंपनी आपको डिविडेंड देने से पहले ही उस पर 10% TDS काट लेगी।
उदाहरण: मान लीजिए आपके पास एक कंपनी के 1000 शेयर हैं और कंपनी ने ₹10 प्रति शेयर डिविडेंड घोषित किया। आपका कुल डिविडेंड ₹10,000 बना। चूंकि यह 5,000 रुपये से ज्यादा है, कंपनी 10% (₹1,000) TDS काट लेगी और आपके बैंक खाते में ₹9,000 ही आएंगे। (यह कटा हुआ TDS आपके Form 26AS और AIS में दिखाई देगा, जिसे ITR भरते समय क्लेम किया जा सकता है)।
Post-Tax Dividend Yield कैसे कैलकुलेट करें?
जब आप किसी कंपनी का 'Dividend Yield' 6% देखते हैं, तो वह असल में 'Pre-Tax' होता है। आपको असली मुनाफा (Post-Tax Yield) निकालने के लिए उसमें से अपना टैक्स हटाना होता है।
फॉर्मूला:
Post-Tax Yield = [Dividend Yield] × [1 - (आपकी टैक्स स्लैब % / 100)]
| निवेशक का टैक्स स्लैब | कंपनी का घोषित Dividend Yield | असली मुनाफा (Post-Tax Yield) |
|---|---|---|
| 0% (कोई टैक्स नहीं) | 6.00% | 6.00% |
| 10% | 6.00% | 5.40% |
| 30% | 6.00% | 4.20% |
जैसा कि आप देख सकते हैं, अगर आप 30% टैक्स स्लैब में आते हैं, तो 6% डिविडेंड देने वाली कंपनी असल में आपको केवल 4.2% का ही रिटर्न दे रही है!
डिविडेंड स्टॉक्स को 'Average' करने का फायदा
अगर आपके पोर्टफोलियो में कोई अच्छी और मजबूत डिविडेंड देने वाली कंपनी है और मार्केट गिरने की वजह से उसका भाव नीचे आ गया है, तो उसे निचले स्तरों पर एवरेज डाउन (Average Down) करना बहुत फायदेमंद होता है।
जब आप कम कीमत पर और शेयर खरीदते हैं, तो आपकी 'औसत खरीद कीमत' (Average Buy Price) कम हो जाती है। जब खरीद कीमत कम होती है, तो भविष्य में उसी डिविडेंड के आधार पर आपका Dividend Yield (प्रतिशत) बढ़ जाता है।
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Stock Average Calculator खोलेंअक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. अगर मुझे 5,000 रुपये से कम डिविडेंड मिला है, तो क्या वह टैक्स-फ्री है?
नहीं। 5,000 रुपये की लिमिट सिर्फ TDS काटने के लिए है। अगर आपको 1,000 रुपये का भी डिविडेंड मिला है, तो भी आपको उसे अपने ITR में "Income from Other Sources" में दिखाना होगा और अपने स्लैब के अनुसार उस पर टैक्स देना होगा।
2. डिविडेंड पर TDS कटने से कैसे बचें?
अगर आपकी कुल सालाना आय टैक्स-फ्री लिमिट के अंदर है (यानी आपको इनकम टैक्स नहीं देना है), तो आप कंपनी को Form 15G (60 वर्ष से कम आयु के लिए) या Form 15H (सीनियर सिटीजन के लिए) सबमिट कर सकते हैं। इसे जमा करने पर कंपनी आपका 10% TDS नहीं काटेगी।
3. क्या डिविडेंड इनकम को ITR में दिखाना अनिवार्य है?
हाँ, बिल्कुल। आपका पैन कार्ड आपके डीमैट खाते और बैंक से जुड़ा होता है। आपको मिलने वाले 1 रुपये के डिविडेंड की जानकारी भी सीधे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास पहुँच जाती है (जो आपके Annual Information Statement या AIS में दिखती है)। इसलिए इसे ITR में छिपाना भारी पड़ सकता है।
4. मुझे म्यूचुअल फंड से डिविडेंड मिला है, उस पर कितना टैक्स लगेगा?
म्यूचुअल फंड (IDCW प्लान) से मिलने वाले डिविडेंड पर भी बिल्कुल वही नियम लागू होते हैं जो शेयरों पर होते हैं। यह आपकी इनकम में जुड़ जाएगा और स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा। यहाँ भी 5,000 रुपये से ज्यादा के डिविडेंड पर 10% TDS कटता है।