शेयर मार्केट में स्टॉक एवरेजिंग (Stock Averaging) क्या है और यह कैसे करते हैं?
शेयर बाजार (Share Market) में निवेश करना हमेशा मुनाफे का सौदा नहीं होता। कई बार हम जिस शेयर को बहुत रिसर्च करके खरीदते हैं, उसका भाव भी नीचे गिरने लगता है। ऐसे में रिटेल निवेशक घबरा जाते हैं। इस घबराहट और नुकसान को कम करने की सबसे बेहतरीन रणनीति का नाम है— स्टॉक एवरेजिंग (Stock Averaging)।
एवरेज डाउन (Averaging Down) क्या है?
जब आपके द्वारा खरीदे गए किसी शेयर की कीमत (Price) गिर जाती है, और आप उसी शेयर को निचले भाव पर और अधिक मात्रा में खरीदते हैं, तो इसे 'एवरेज डाउन' करना कहते हैं। ऐसा करने से आपके पास मौजूद सभी शेयरों की प्रति शेयर औसत लागत (Average Buy Price) कम हो जाती है।
एक आसान उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपने ABC कंपनी के 100 शेयर ₹1000 प्रति शेयर के भाव पर खरीदे। आपका कुल निवेश ₹1,00,000 हो गया।
- कुछ दिन बाद बाजार गिरता है और शेयर का भाव ₹800 पर आ जाता है।
- अब आप ₹800 के भाव पर 100 शेयर और खरीद लेते हैं (कुल निवेश ₹80,000)।
- अब आपके पास कुल 200 शेयर हैं और आपका कुल निवेश ₹1,80,000 है।
- नया एवरेज भाव: ₹1,80,000 ÷ 200 = ₹900 प्रति शेयर।
अब आपको फायदे में आने के लिए शेयर के ₹1000 तक जाने का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। जैसे ही शेयर ₹900 के ऊपर जाएगा, आपका मुनाफा शुरू हो जाएगा। आप इसका सटीक हिसाब हमारे Stock Average Calculator से तुरंत लगा सकते हैं।
एवरेजिंग करते समय ध्यान रखने वाली 3 बातें
- फंडामेंटल चेक करें: सिर्फ भाव गिरने पर एवरेज न करें। यह पक्का करें कि कंपनी का बिज़नेस और फंडामेंटल अभी भी मजबूत हैं और गिरावट सिर्फ बाजार के सेंटिमेंट की वजह से है।
- पेनी स्टॉक्स से बचें: पेनी स्टॉक्स (Penny Stocks) में एवरेजिंग करना खतरनाक हो सकता है क्योंकि कई बार वे गिरकर जीरो हो जाते हैं।
- एक साथ पूरा पैसा न लगाएँ: हमेशा किस्तों में (SIP के रूप में) एवरेजिंग करें।