शेयर बाजार (Share Market) में हर कोई मुनाफा कमाना चाहता है, लेकिन जब मार्केट में गिरावट आती है और हमारा पोर्टफोलियो लाल (Red) रंग में दिखने लगता है, तो अच्छे-अच्छे निवेशकों को भी डर लगने लगता है। ऐसे समय में बड़े और समझदार निवेशक जिस 'ब्रह्मास्त्र' का इस्तेमाल करते हैं, उसे Stock Averaging Strategy कहा जाता है。
अगर आपने एक अच्छा शेयर 1000 रुपये के भाव पर खरीदा है और वह गिरकर 800 रुपये पर आ जाता है, तो आप क्या करेंगे? क्या आप उसे घाटे में बेच देंगे (Panic Sell)? या आप उसे वापस 1000 तक जाने का इंतज़ार करेंगे? एक स्मार्ट निवेशक इस स्थिति में एक सही Stock Averaging Strategy अपनाता है और निचले स्तर पर कुछ और शेयर खरीदकर अपनी औसत कीमत (Average Buy Price) को 900 रुपये पर ले आता है।
इस विस्तृत गाइड (Pillar Post) में हम गहराई से समझेंगे कि शेयर बाज़ार में Stock Averaging Strategy क्या है, इसके कितने प्रकार हैं, और इसे इस्तेमाल करने के वे 5 सुनहरे नियम कौन से हैं जिन्हें जाने बिना आपको कभी एवरेजिंग नहीं करनी चाहिए।
Stock Averaging Strategy क्या है? (What is it?)
सरल शब्दों में कहें तो, किसी एक शेयर को एक ही बार में पूरा पैसा लगाकर खरीदने के बजाय, उसे अलग-अलग कीमतों पर किस्तों में खरीदना ही Stock Averaging Strategy कहलाता है।
शेयर बाज़ार बहुत ही अस्थिर (Volatile) होता है। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह वॉरेन बफे (Warren Buffett) ही क्यों न हों, यह सटीक अनुमान नहीं लगा सकता कि कोई शेयर आज अपनी सबसे निचली कीमत (Bottom) पर है। इसलिए, जोखिम (Risk) को कम करने के लिए हम अपने पैसे को 3 या 4 हिस्सों में बाँट देते हैं।
मान लीजिए आपके पास 1 लाख रुपये हैं और आप Reliance Industries का शेयर खरीदना चाहते हैं।
- गलत तरीका: आपने पूरा 1 लाख रुपये एक साथ ₹3000 के भाव पर लगा दिया। अब अगर शेयर ₹2700 आ गया, तो आप कुछ नहीं कर सकते।
- सही तरीका (Stock Averaging Strategy): आपने पहले सिर्फ ₹30,000 निवेश किए। जब शेयर गिरकर ₹2800 पर आया, तो आपने ₹30,000 और लगाए। और जब वह ₹2700 के मजबूत सपोर्ट पर आया, तो आपने बाकी बचे ₹40,000 लगा दिए। इससे आपका नया 'एवरेज प्राइस' काफी कम हो जाएगा और शेयर के थोड़ा सा ऊपर जाते ही आप मुनाफे में आ जाएंगे।
एवरेजिंग के प्रकार (Types of Averaging)
1. Averaging Down (गिरते बाजार में निवेश)
यह भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली रणनीति है। जब आपके द्वारा खरीदे गए शेयर की कीमत नीचे गिरती है, तो आप नुकसान की भरपाई जल्दी करने के लिए सस्ते दाम पर और शेयर खरीदते हैं। इसे ही Averaging Down कहते हैं। यह रणनीति तब बहुत काम आती है जब कंपनी फंडामेंटली बहुत मजबूत हो, लेकिन किसी बाहरी कारण (जैसे- ग्लोबल मार्केट क्रैश) से गिर रही हो।
2. Averaging Up (बढ़ते बाजार में निवेश)
जब आपने कोई शेयर खरीदा और वह लगातार ऊपर जा रहा है (यानी आप मुनाफे में हैं), तो उस दौड़ते हुए घोड़े पर और दांव लगाना Averaging Up कहलाता है। मोमेंटम ट्रेडर्स (Momentum Traders) इस रणनीति का बहुत इस्तेमाल करते हैं। जब कोई शेयर अपना 'Breakout' देता है, तब वे उसमें और पैसा डालते हैं।
एक सफल Stock Averaging Strategy के 5 सुनहरे नियम
अगर आप बिना सोचे-समझे हर गिरते हुए शेयर को एवरेज करेंगे, तो आपका पोर्टफोलियो बहुत जल्दी खाली हो जाएगा। इसलिए, एक प्रोफेशनल की तरह Stock Averaging Strategy का इस्तेमाल करने के लिए इन 5 नियमों को हमेशा याद रखें:
नियम 1: पेनी स्टॉक्स (Penny Stocks) से दूर रहें
यह सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण नियम है। अगर 10 रुपये का शेयर गिरकर 5 रुपये का हो गया है, तो उसे 5 रुपये पर एवरेज करने की गलती कभी न करें। 99% पेनी स्टॉक्स अपने खराब फंडामेंटल्स की वजह से गिरते हैं। ऐसे शेयरों में एवरेजिंग करना 'गिरते हुए चाकू' (Falling Knife) को नंगे हाथों से पकड़ने के बराबर है। एवरेजिंग हमेशा निफ्टी 50 (Nifty 50) या लार्ज कैप कंपनियों में करनी चाहिए।
नियम 2: सपोर्ट लेवल (Support Levels) का इंतज़ार करें
अगर कोई शेयर ₹1000 से गिरकर ₹980 पर आ गया है, तो तुरंत एवरेज करने मत दौड़िए। कम से कम शेयर को 10% से 15% तक गिरने दें या उसके चार्ट पर मजबूत टेक्निकल 'Support Level' बनने का इंतज़ार करें। बिना सपोर्ट देखे अंधाधुंध खरीदारी करने से आपकी Stock Averaging Strategy फेल हो सकती है।
नियम 3: कंपनी के फंडामेंटल्स (Fundamentals) check करें
शेयर क्यों गिर रहा है? क्या कंपनी के प्रमोटर्स अपने शेयर बेच रहे हैं? क्या कंपनी पर कर्ज़ा बहुत बढ़ गया है? अगर कंपनी की अंदरूनी हालत खराब है, तो एवरेजिंग न करें, बल्कि लॉस बुक (Stop Loss) करके बाहर निकल जाएं। एवरेजिंग सिर्फ तभी करें जब कंपनी अच्छी हो और बाज़ार के खराब मूड के कारण गिर रही हो।
नियम 4: अपने कैपिटल (पैसे) को बाँट कर रखें
कभी भी अपना 100% पैसा एक ही लेवल पर न लगाएँ। 'पिरामिडिंग' (Pyramiding) का इस्तेमाल करें। जैसे- पहली बार 20% पैसा लगाएँ, 10% गिरने पर 30% पैसा लगाएँ, और एक भारी गिरावट (Crash) आने पर बाकी 50% पैसा लगाएँ।
नियम 5: भावनाओं (Emotions) को दूर रखें
शेयर बाज़ार में 'होप ट्रेडिंग' (Hope Trading) नहीं चलती। यह उम्मीद करना कि "मैंने एवरेज कर लिया है, अब तो इसे ऊपर जाना ही पड़ेगा", सबसे बड़ी गलती है। अगर शेयर आपके सारे सपोर्ट तोड़कर नीचे जा रहा है, तो अपनी गलती मान लें और बाहर निकल जाएँ।
Stock Averaging Strategy - 10 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
यह एक निवेश रणनीति है जिसमें निवेशक किसी शेयर की कीमत गिरने (या बढ़ने) पर उसे अलग-अलग हिस्सों में खरीदता है, ताकि उसकी औसत खरीद कीमत (Average Buy Price) को संतुलित किया जा सके।
बिल्कुल नहीं। पेनी स्टॉक्स के फंडामेंटल्स कमजोर होते हैं। गिरते हुए पेनी स्टॉक्स में एवरेजिंग करना अपने पैसे को आग लगाने जैसा है। हमेशा मजबूत कंपनियों में ही एवरेजिंग करें।
शेयर की कीमत गिरने पर और शेयर खरीदना 'Averaging Down' कहलाता है (नुकसान कम करने के लिए), जबकि शेयर की कीमत बढ़ने पर और शेयर खरीदना 'Averaging Up' कहलाता है (मोमेंटम का फायदा उठाने के लिए)।
जब कोई अच्छी और मजबूत कंपनी (Blue-chip) बाजार की किसी अस्थाई खराब खबर के कारण अपने 'Technical Support Level' (जैसे 200 DMA) तक गिर जाए, तब एवरेज करना सबसे अच्छा होता है। 2-4% की गिरावट पर एवरेज करने से बचें।
हाँ, SIP (Systematic Investment Plan) खुद ब खुद Stock Averaging Strategy का ही एक रूप है। जब बाजार गिरता है, तो आपको उसी पैसे में ज्यादा यूनिट्स (Units) मिल जाती हैं, जो आपका एवरेज कम कर देती हैं।
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आपको अपना पूरा पैसा एक बार में नहीं लगाना चाहिए। 30-30-40 के नियम का पालन करें। हमेशा अपने कैपिटल का 40% हिस्सा बाजार के भारी क्रैश में एवरेजिंग के लिए बचाकर रखें।
यही कारण है कि हर शेयर में 'Stop Loss' होना चाहिए। एवरेजिंग की भी एक सीमा होती है। अगर कंपनी के तिमाही नतीजे (Quarterly Results) लगातार खराब आ रहे हैं, तो नुकसान बुक करके निकल जाना बेहतर है।
इसके लिए आप StockAvg.in के फ्री Stock Averaging Calculator का इस्तेमाल कर सकते हैं। बस अपनी पुरानी और नई खरीद की डिटेल्स डालें, यह आपको 1 सेकंड में आपका नया खरीद मूल्य बता देगा।
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए अच्छे स्टॉक्स में SIP करना या हर 10-15% की गिरावट पर 'Buy on Dips' (Averaging Down) करना सबसे बेहतरीन रणनीति मानी जाती है।
हाँ। शेयर बाजार में 'FIFO' (First In, First Out) नियम लागू होता है। जब आप शेयर बेचते हैं, तो पहले खरीदे गए शेयर पहले बिकते हैं, और उसी की होल्डिंग अवधि (Holding Period) के आधार पर आपका STCG या LTCG टैक्स लगता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
शेयर बाजार में Stock Averaging Strategy एक दोधारी तलवार की तरह है। अगर आप इसे HDFC Bank, Reliance, या TCS जैसी बेहतरीन कंपनियों में इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपके घाटे को मुनाफे में बदल सकती है। लेकिन अगर आप इसे बिना फंडामेंटल चेक किए किसी कबाड़ शेयर में लगाते हैं, तो यह आपकी पूरी पूंजी साफ कर सकती है। निवेश करते समय हमेशा धैर्य (Patience) रखें और अपने रिस्क को मैनेज करके चलें।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल शैक्षिक (Educational) उद्देश्यों के लिए है। हम SEBI रजिस्टर्ड सलाहकार नहीं हैं। शेयर बाजार में निवेश बाज़ार के जोखिमों के अधीन है। कोई भी बड़ा निवेश या एवरेजिंग करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से परामर्श अवश्य लें।